जादू का नाम सुनते ही हम सभी रोमांच से भर जाते हैं और बच्चों के तो क्या कहने? उनके भीतर तो उत्साह की लहर दौड़ जाती है और चेहरे खिल उठते हैं | जादू की दुनियाँ भी अजब-ग़जब दुनियाँ है, जहाँ हर चेहरे पर ख़ुशी होती है, हर ख्वाहिश पलक झपकते ही पूरी हो जाती है, ज़िन्दगी बहुत आसान होती है और ग़म का तो दूर दूर तक कोई नामोंनिशान नहीं होता | हम में से हर कोई चाहता है कि काश जादू की कोई छड़ी हमारे हाथ लग जाए, जिससे हर मनचाही चीज़ को आसानी से पाया जा सके | जादू की दुनियाँ रोमांचित तो बहुत करती है, पर क्या असल ज़िन्दगी में ऐसा सब कुछ मुमकिन है?
जादूगर O.P. शर्मा (जूनियर) ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि वह अभी तक 40 हजार से अधिक शो आयोजित कर चुके हैं | हम में से कुछ लोगों को लगता है कि शिखर पर पहुँचना बहुत आसान है | परन्तु वास्तविकता तो यह है कि किसी भी क्षेत्र में महारथ हासिल करने के लिए बहुत और शायद बहुत ज्यादा अभ्यास की ज़रुरत होती है | किसी भी फील्ड में एक्सपर्ट बनने के लिए बहुत ज्यादा प्रैक्टिस करनी पड़ती है और आमतौर पर इसमें एक लम्बा समय लगता है | इसलिए, किसी भी क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने और सफलता की ऊँचाई तक पहुँचने के लिए निरंतर अभ्यास और धैर्य की बहुत आवश्यकता होती है |
2. मेहनत का कोई विकल्प नहीं
जादू का यह शो महीनों तक बिना किसी छुट्टी के लगातार चलता है और प्रतिदिन इसके तीन शो आयोजित किये जाते हैं | इससे स्पष्ट पता चलता है कि जीवन में किसी भी बड़ी सफ़लता को प्राप्त करने और उसे बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है | और जीवन में मेहनत का कोई विकल्प नहीं हो सकता | सोचिये, अगर सफलता पाना जादू की छड़ी घुमाने जितना ही आसान होता, तो फ़िर किसी जादूगर को इतनी कड़ी मेहनत करने की कोई ज़रुरत ही नहीं होती | इसलिए, जीवन में वास्तविक परिणाम हासिल करने के लिए जितनी मेहनत ज़रूरी है, उतनी करनी ही पड़ेगी | सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है और मेहनत का कोई दूसरा विकल्प नहीं है |
3. टीम वर्क है ज़रूरी
किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करना एक अकेले के बस की बात नहीं होती, बल्कि इसके लिए टीम वर्क बहुत ज़रूरी होता है | इस कार्यक्रम के दौरान मैंने देखा कि इतना बड़ा और सफल आयोजन एक टीम के भरोसे ही हो सकता है | कार्यक्रम में सिक्यूरिटी गार्ड, कार पार्किंग, टिकट काउंटर, मेंटेनेंस, म्यूजिक, लाइटिंग, मार्केटिंग, सोशल मीडिया, कैटरिंग, हाउस कीपिंग, स्नैक्स काउंटर, मैजिक बॉक्स काउंटर, और स्टेज पर मौजूद अन्य सहयोगियों और कलाकारों की मेहनत और आपसी तालमेल के बिना इस प्रकार का बड़ा और सफल आयोजन संभव ही नहीं है | इसमें हर एक टीम मेम्बर का अपना एक विशेष महत्व है | ज़िन्दगी में जो लोग कहते हैं कि वह स्वयं के दम पर ही सफल हुए हैं, वह निश्चित रूप से पूर्ण सत्य नहीं बता रहे हैं | सच्चाई तो यह है कि हमें इस दुनियाँ में आने, जीवन चलाने, और दुनियाँ से जाने के लिए भी हमेशा दूसरों की ज़रुरत पड़ती है | इसलिए बड़ी कामयाबी पाने के लिए एक बेहतरीन टीम का होना ज़रूरी है |
4. लीड करने वाला ही बनता है लीडर
इस कार्यक्रम के आयोजन में यूँ तो सैकड़ों लोग अपना सहयोग दे रहे थे, परन्तु मुख्य रूप से चेहरा तो जादूगर O.P. शर्मा (जूनियर) का ही दिखाई दे रहा था | इसी तरह हम जब भी मोदी जी या योगी जी जैसे किसी बड़े चेहरे की बात करते हैं तो एक पल के लिए हम भूल जाते हैं कि उनके साथ एक बहुत बड़ी टीम काम कर रही है और उनको सहयोग कर रही है | लेकिन जिसमें टीम को लीड करने की क्षमता होती है, वही अपने आप को लीडर के रूप में स्थापित कर पाता है |
वैसे सबसे बड़ा जादूगर तो ऊपर वाला है, जो चमत्कार करने के लिए अपनी छड़ी लेकर तैयार बैठा है | लेकिन उसकी एक शर्त है कि वह अपनी जादू की छड़ी केवल उन लोगों पर ही घुमाता है, जो अपने निर्धारित लक्ष्य के प्रति पूर्णरूप से समर्पित हैं और सही रणनीति के साथ उपलब्ध संसाधनों का भरपूर उपयोग करते हुए कड़ी मेहनत करते हैं |
सादर
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