Wednesday, November 1, 2023

कहीं आप भी तो नहीं कमजोर इंसान? ऐसे करें पहचान

जीवन एक युद्ध है और इतिहास ने हमें सिखाया है कि युद्ध को केवल शक्ति से जीता जा सकता है | परन्तु कैसी शक्ति? शारीरिक, मानसिक या फ़िर किसी अस्त्र-शस्त्र की शक्ति | जीवन के संघर्ष को जीतने के लिए किसी भी बाहरी बल से ज्यादा महत्वपूर्ण है 'आत्मबल' | जिन लोगों में आत्मबल की कमी होती है उन्हें समाज में आमतौर पर कमजोर, कायर, या डरपोक माना जाता है | आइए, आज हम इंसान की उन आदतों के बारे में जानते हैं, जो उसे कमजोर बनाती हैं |

कमजोर या डरपोक व्यक्ति के लक्षण:

1. हमेशा दूसरों को दोषी ठहराना

कमजोर लोग अपनी हर समस्या के लिए हमेशा दूसरों को दोषी ठहराते हैं | वह अपने साथ होने वाली हर अच्छी-बुरी घटना के लिए दूसरों को दोषी बताते हैं | वह अपने कर्मों की जिम्मेदारी खुद उठाने की बजाय उन्हें अपने परिवार, रिश्तेदार, पड़ोसी, मित्र, प्रशासन, सरकार या नीतियों पर डाल देते हैं | वास्तव में यह अपनी जिम्मेदारियों से बचने और अपनी कमजोरी को छुपाने का एक तरीका होता है |     

2. स्वयं को पीड़ित बताना 

कमजोर लोगों को स्वयं को पीड़ित के रूप में प्रस्तुत करने में बहुत आनंद आता है | वह दूसरों के सामने अपना रोना-धोना करके यह सिद्द करने में लगे रहते हैं कि वह पीड़ित हैं और उनके साथ बहुत बुरा हुआ है | वास्तव में, अपने आप को पीड़ित बताकर वह हमेशा दूसरों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने और उनकी सहानुभूति प्राप्त करने में लगे रहते हैं | 

3. दूसरों से ईर्षा करना 

कमजोर लोग जब जीवन में स्वयं प्रगति नहीं कर पाते, तो वह दूसरों की प्रगति को भी सहन नहीं कर पाते | वह निरर्थक ही दूसरों से अपनी तुलना करने लगते हैं | वह दूसरों को आगे बढ़ता देखकर, व्यर्थ ही उनसे ईर्षा करने लगते हैं | वह स्वयं की प्रगति पर ध्यान न देकर, दूसरों की कमी निकालने में ही सारा समय बर्बाद कर देते हैं | 

4. अपने निर्णय स्वयं न ले पाना 

कमजोर लोग अपने निर्णय लेने में हमेशा कतराते हैं | वह हमेशा अपने छोटे-छोटे निर्णय भी दूसरों के सहारे ही लेते हैं | ऐसा नहीं होता कि वह निर्णय लेने में सक्षम नहीं होते हैं, बल्कि वह परिणाम से घबराते हैं | उन्हें लगता है कि यदि कुछ गलत हो गया तो वह आसानी से दोष किसी और के ऊपर डाल देंगे | वह बन्दूक हमेशा दूसरों के कन्धों पर रखकर चलाना चाहते हैं |

5. सदैव दूसरों पर आश्रित रहना 

कमजोर लोग हर काम के लिए दूसरों पर आश्रित रहते हैं | वह अकेले चलने का साहस ही नहीं जुटा पाते हैं | वह हर काम को करने के लिए दूसरों का साथ लेते हैं | किसी से सहायता माँगने में कोई बुराई नहीं है, परन्तु वह उन कामों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहते हैं, जिन्हें वह स्वयं भी कर सकते हैं |

हम सभी इंसान हैं और हममें से कोई भी सर्वगुण संपन्न नहीं है | हम सभी में कोई न कोई छोटी-बड़ी कमी होती ही है | समझदारी इसी में है कि हम अपनी कमियों को पहचानें और प्रतिदिन उनमें सुधार करें | 

सादर 


प्रवीण चौधरी 
अध्यक्ष, व्यापक फाउंडेशन 
Email: praveen@vyaapak.org
Website: www.vyaapak.org
WhatsApp : 8178983844
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