जीवन एक युद्ध है और इतिहास ने हमें सिखाया है कि युद्ध को केवल शक्ति से जीता जा सकता है | परन्तु कैसी शक्ति? शारीरिक, मानसिक या फ़िर किसी अस्त्र-शस्त्र की शक्ति | जीवन के संघर्ष को जीतने के लिए किसी भी बाहरी बल से ज्यादा महत्वपूर्ण है 'आत्मबल' | जिन लोगों में आत्मबल की कमी होती है उन्हें समाज में आमतौर पर कमजोर, कायर, या डरपोक माना जाता है | आइए, आज हम इंसान की उन आदतों के बारे में जानते हैं, जो उसे कमजोर बनाती हैं |
कमजोर या डरपोक व्यक्ति के लक्षण:
1. हमेशा दूसरों को दोषी ठहराना
कमजोर लोग अपनी हर समस्या के लिए हमेशा दूसरों को दोषी ठहराते हैं | वह अपने साथ होने वाली हर अच्छी-बुरी घटना के लिए दूसरों को दोषी बताते हैं | वह अपने कर्मों की जिम्मेदारी खुद उठाने की बजाय उन्हें अपने परिवार, रिश्तेदार, पड़ोसी, मित्र, प्रशासन, सरकार या नीतियों पर डाल देते हैं | वास्तव में यह अपनी जिम्मेदारियों से बचने और अपनी कमजोरी को छुपाने का एक तरीका होता है |
2. स्वयं को पीड़ित बताना
कमजोर लोगों को स्वयं को पीड़ित के रूप में प्रस्तुत करने में बहुत आनंद आता है | वह दूसरों के सामने अपना रोना-धोना करके यह सिद्द करने में लगे रहते हैं कि वह पीड़ित हैं और उनके साथ बहुत बुरा हुआ है | वास्तव में, अपने आप को पीड़ित बताकर वह हमेशा दूसरों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने और उनकी सहानुभूति प्राप्त करने में लगे रहते हैं |
3. दूसरों से ईर्षा करना
कमजोर लोग जब जीवन में स्वयं प्रगति नहीं कर पाते, तो वह दूसरों की प्रगति को भी सहन नहीं कर पाते | वह निरर्थक ही दूसरों से अपनी तुलना करने लगते हैं | वह दूसरों को आगे बढ़ता देखकर, व्यर्थ ही उनसे ईर्षा करने लगते हैं | वह स्वयं की प्रगति पर ध्यान न देकर, दूसरों की कमी निकालने में ही सारा समय बर्बाद कर देते हैं |
4. अपने निर्णय स्वयं न ले पाना
कमजोर लोग अपने निर्णय लेने में हमेशा कतराते हैं | वह हमेशा अपने छोटे-छोटे निर्णय भी दूसरों के सहारे ही लेते हैं | ऐसा नहीं होता कि वह निर्णय लेने में सक्षम नहीं होते हैं, बल्कि वह परिणाम से घबराते हैं | उन्हें लगता है कि यदि कुछ गलत हो गया तो वह आसानी से दोष किसी और के ऊपर डाल देंगे | वह बन्दूक हमेशा दूसरों के कन्धों पर रखकर चलाना चाहते हैं |
5. सदैव दूसरों पर आश्रित रहना
कमजोर लोग हर काम के लिए दूसरों पर आश्रित रहते हैं | वह अकेले चलने का साहस ही नहीं जुटा पाते हैं | वह हर काम को करने के लिए दूसरों का साथ लेते हैं | किसी से सहायता माँगने में कोई बुराई नहीं है, परन्तु वह उन कामों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहते हैं, जिन्हें वह स्वयं भी कर सकते हैं |
हम सभी इंसान हैं और हममें से कोई भी सर्वगुण संपन्न नहीं है | हम सभी में कोई न कोई छोटी-बड़ी कमी होती ही है | समझदारी इसी में है कि हम अपनी कमियों को पहचानें और प्रतिदिन उनमें सुधार करें |
सादर
Email: praveen@vyaapak.org
WhatsApp : 8178983844
हमारे साथ फेसबुक पर जुड़ें: www.facebook.com/vyaapak
यदि आपको यह लेख पसंद आया हो तो नीचे कमेंट करके हमें बताएं और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें |


No comments:
Post a Comment