आज मैं अपनी बाइक पर लोकल मार्किट से घर का कुछ सामान खरीदने गया | वापसी में मेरे पास उम्मीद से कुछ ज्यादा ही सामान हो गया, और मैं मुश्किल से बाइक चला पा रहा था | अभी मैं अपने घर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर था कि अचानक से बाइक का पेट्रोल मेन्स से रिज़र्व में आ गया | सामान ज्यादा होने के कारण मेरे हाथ घिरे हुए थे, और बिना बाइक रोके पेट्रोल टैंक की नॉब (knob) को मेन्स से रिज़र्व की तरफ घुमाना संभव नहीं था | तभी अचानक से एक स्पीड ब्रेकर आ गया और बाइक थोड़ा सा झटका लेकर फ़िर तेज़ी से आगे की ओर दौड़ पड़ी | आगे थोड़ी ही दूरी पर एक दूसरा स्पीड ब्रेकर था, और फ़िर उसी क्रम की पुनरावृत्ति हुई | आश्चर्यजनक रूप से ऐसे ही चार-पाँच बार झटके खा कर अंततः बाइक घर के दरवाजे तक पहुँच ही गई |
आज की इस छोटी सी घटना को यदि हम अपने जीवन से जोड़ के देखें, तो हम यह सब बातें सीख सकते हैं :
1. स्पीड ब्रेकर करते हैं सतर्क
कई बार हम अपनी धुन में बाइक चला रहे होते हैं | लेकिन जैसे ही सामने कोई स्पीड ब्रेकर आता है, तो हमारा दिमाग एकदम से एक्टिव हो जाता है | हम तुरंत सतर्क हो जाते हैं और संभल जाते हैं | इसलिए स्पीड ब्रेकर हमें समय समय पर सतर्क करने का काम करते हैं |
2. गति को करते हैं नियंत्रित
मार्ग में स्पीड ब्रेकर्स आने भी ज़रूरी हैं, जिससे हमारी गति सीमा में रहती है | कई बार बहुत ज्यादा स्पीड हो जाने के कारण हम अनियंत्रिक जो जाते हैं और दुर्घटना होने की सम्भावना बढ़ जाती है | इसी तरह ज़िन्दगी में भी कई बार लगातार सफलता मिलते रहने के कारण हमारे अन्दर अहंकार की भावना आ जाती है | जो हमारे व्यक्तित्व और हमारी प्रगति के लिए ठीक नहीं है | हमारे आलोचक और कठिन परिस्थितियाँ भी हमारे लिए स्पीड ब्रेकर का काम करते हैं | इसलिए, ज़िन्दगी में झटके लगने भी ज़रूरी हैं |
गति भी ज़रूरी है, अवरोध भी ज़रूरी है |
ज़िन्दगी में जीत के लिए, विरोध भी ज़रूरी है ||
3. सफ़र को बनाते हैं रोचक
मुझे आशा है कि आपने किसी हाईवे पर बाइक ज़रूर चलाई होगी | जब हम हाईवे पर बाइक चलाते हैं तो बहुत दूर तक कोई अवरोध नहीं होता | एक ही स्पीड पर बाइक चलाते हुए, हमारे हाथ-पैर ना के बराबर काम करते हैं | जिससे हमें नीरसता का एहसास होने लगता है, और कई बार नींद भी आने लगती है | इसी प्रकार, जीवन में अगर सब कुछ परफेक्ट हो जाए तो जीवन में भी नीरसता आ जाती है | सोचिए, आपका मनपसंद भोजन आपको हर दिन खाने को मिले, और सिर्फ वही खाने को मिले | तो एक दिन आप उससे भी परेशान हो जाएँगे और दूसरे खाने की माँग करेंगे | इसी तरह जीवन में आने वाले झटके या समस्याएँ जीवन को और मज़ेदार बनाती हैं |
4. रिज़र्व टैंक से मिलता है अतिरिक्त ईंधन
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि हम सबके अन्दर ऊर्जा का एक रिज़र्व भंडार रहता है, जो हम आमतौर पर प्रयोग ही नहीं करते | परन्तु, जब हम जीवन में धक्के या झटके खाते हैं या समस्याओं से घिर जाते हैं, तो हमारी रिज़र्व एनर्जी ही हमें आगे बढ़ने में सहायता करती है | साधारण आदमी उपलब्ध एनर्जी के मेन टैंक का भी पूरा प्रयोग नहीं कर पाता, जबकि सफल आदमी अपनी रिज़र्व एनर्जी का भी उपयोग करता है | शायद इसी को running the extra mile कहते हैं | इसे बाइक के फ्यूल टैंक (fuel tank) के माध्यम से समझते हैं | मान लीजिए, एक आदमी बाइक चलाते समय सिर्फ मेन टैंक के पेट्रोल का प्रयोग करता है, वहीं दूसरा आदमी मेन टैंक के साथ रिज़र्व टैंक का भी प्रयोग करता है | अब आप ही बताइए कि कौन सा आदमी अधिक दूरी तय करेगा | निश्चित रूप से दूसरा आदमी अधिक दूरी तय करेगा, क्योंकि वह टैंक में उपलब्ध सारे पेट्रोल का प्रयोग कर रहा है | वास्तव में सफलता रिज़र्व टैंक का भी प्रयोग करने पर ही मिलती है |
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Bahut badhiya likha hai Bhai
ReplyDeleteआपका ह्रदय से आभार
Deleteबहुत सुंदर प्रस्तुति है।
ReplyDeleteधन्यवाद, संजीव जी |
DeleteNice
ReplyDeleteThank you, Satinder Ji.
DeleteRIGHT
ReplyDeleteThank you.
DeleteBahut sundar
ReplyDeleteDhanyawaad
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