Thursday, January 21, 2021

पैसा अच्छा है या बुरा? Is money Good or Bad?



पैसे वाले लोग बुरे होते हैं | क्या आपने भी यह बात बहुत बार सुनी है? क्या पैसा आपको अच्छा या बुरा बनाता है? आपने समाज में पैसे वाले दुष्ट और घमंडी लोग ज़रूर देखे होंगे, लेकिन वहीं दूसरी ओर ऐसे धनवान लोग भी होते हैं जो सज्जन और उदार होते हैं | तो क्या वास्तव में पैसा आपको अच्छा या बुरा इंसान बनाता है? एक बात तो सत्य है कि निश्चित रूप से पैसे में शक्ति होती है | लेकिन यह बात भी सही है कि पैसा आपको अच्छा या बुरा नहीं बनाता | पैसा तो आपको वही और अधिक बनाता है जो आप पहले से हैं | अर्थात पैसा वह शक्ति है जो आपके मूल स्वाभाव को बल देता है |

पैसा अगर किसी सज्जन पुरुष के पास आ जाए तो उसे और अधिक सज्जन बना देता है | परन्तु यदि किसी दुष्ट के पास आ जाए तो उसकी दुष्टता और अधिक बढ़ जाती है | किसी अमीर दुष्ट को देखकर हम आमतौर पर कहते हैं कि एक तो करेले की बेल और वो भी नीम चढ़ी | मतलब एक तो स्वाभाव से दुष्ट और ऊपर से पैसे की ताकत भी मिल गई |

पैसे की शक्ति को पाकर-

  • एक उदार व्यक्ति और अधिक उदार बन जाता है |
  • अहंकारी और अधिक अहंकारी हो जाता है |
  • और एक दयालु व्यक्ति और अधिक दयालु हो जाता है |

धन न तो आपको अच्छा बनाता है और न ही बुरा | धन एक शक्ति है जो केवल आपके मूल स्वाभाव को बल देता है और उसे बढ़ाता है |

आपने इस प्रकार की बातें कई बार सुनी होंगी :

  • उसे हराम का पैसा हजम नहीं हो रहा है |
  • जब किसी को हराम का पैसा मिल जाता है, तो वो उसे ऐसे ही उड़ाता है |
  • खानदानी अमीर पैसे की वैल्यू को समझता है और उसमें घमंड नहीं होता |
  • वो लोग तो खानदानी अमीर हैं, तभी ज़मीन से जुड़े हुए हैं |
  • ईमानदारी का पैसा ही फलता है |
  • चोरी का माल तो मोरी में ही जाता है |
ऐसी ही न जाने कितनी बातें आपने पैसे के बारे में सुनी होंगी | जिन लोगों के पास पैसे की कमी है वह आमतौर पर कहते हैं कि अमीर लोग चोर होते हैं, गरीबों का खून चूसकर ही वो अमीर बने हैं, अमीर लोग दुष्ट और अहंकारी होते हैं | यह बात वास्तव में सत्य नहीं है | जो अमीर आज अहंकार से भरा हुआ है, उसका मूल स्वाभाव पहले भी अहंकार ही था, पैसे की शक्ति को पाकर तो केवल वह अहंकार और अधिक बढ़ गया है |

आपने ऐसे अधिकारी और राजनेता अवश्य देखे होंगे जो भ्रष्टाचार करके अपने बैंक बैलेंस को बढ़ाते है | वहीं ऐसे अधिकारी और राजनेता भी होते हैं जो अपना सरकारी वेतन तक भी समाज सेवा में खर्च कर देते हैं | कुछ लोग गलत तरीके से भी अमीर बनते हैं और कुछ लोग ईमानदारी से अथाह संपत्ति कमाकर भी उसका एक बहुत बड़ा भाग दान कर देते हैं |

इसलिए, पैसे के विषय में हमें अपना दृष्टिकोण व्यापक रखना चाहिए | हर समय पैसे को दोष देना ठीक नहीं हैं | पैसा तो केवल एक शक्ति मात्र है | हाँ, उस शक्ति का प्रयोग आप कैसे करेंगे, यह निश्चित रूप से आपके मूल स्वाभाव पर निर्भर करता है | शायद इसीलिए समझदार लोग कहते हैं कि बच्चों को संपत्ति से पहले संस्कार देने चाहिएँ |

सादर 


प्रवीण चौधरी 
अध्यक्ष, व्यापक फाउंडेशन 
praveen@vyaapak.org
WhatsApp : 8178983844
Telegram: @VyaapakFoundation

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