अभी पिछले दिनों व्यापक फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मैं अपने फ़ोन से फ़ोटो खींच रहा था कि तभी मैंने ध्यान दिया कि फ़ोटो में लाइट का रिफलैक्शन आ रहा है | जिससे पिक्चर हर बार धुंधली सी दिखाई पड़ रही थी | मुझे लगा कि शायद फ़ोन की फ़ोटो सेटिंग्स में कोई ऐसा आप्शन हो जिससे कि लाइट की चमक कम हो जाए और फोटो साफ़ आ जाए | यह सोचकर मैंने पास में खड़े अपने दोस्त से इस बारे में पूछा | वह धीरे से मुस्कुराया और बोला कि यह प्रॉब्लम मुझे भी आ चुकी है, मैं इसे अभी ठीक कर देता हूँ | उसने टेबल पर रखे हैण्ड सैनीटाईज़र का हल्का सा स्प्रे फ़ोन के कैमरे पर किया और एक साफ़ कपड़े से उसे पोंछ दिया | चमत्कारिक रूप से अब फ़ोन एकदम ठीक हो चुका था और अब नई फोटो बिलकुल साफ़ दिखाई दे रही थी | मेरे दोस्त ने कहा कि फ़ोन में कोई परेशानी नहीं थी, बल्कि उसके कैमरे पर शायद चिकनाई भरे हाथ लग गए थे और इसी कारण से फ़ोटो धुँधली दिखाई दे रही थी | मैंने अपने दोस्त का धन्यवाद दिया और हँसने लगा |
परन्तु यह छोटी से घटना एक बड़ा सन्देश दे रही थी | जो गलती मुझसे फ़ोन के साथ हुई, असल ज़िन्दगी में भी वही गलती हम कई बार करते हैं | ज़िन्दगी में कई बार जब हमें लगता है कि दुनियाँ कितनी ख़राब है, हमारे दोस्त या सम्बन्धी कितने बेकार हैं, हर तरफ समस्याएँ ही समस्याएँ हैं, और उलझनों से निकलने का कोई रास्ता दिखाई नहीं देता | ऐसे समय में थोड़ा रुकिए और मन को थोड़ा शांत कीजिए | सोचिये, कहीं चिकनाहट अपनी आँखों के कैमरे पर तो नहीं है | कहीं ऐसा तो नहीं कि धूल हमारी आँखों में है, जिसके कारण हमें बाहर की दुनियाँ धुंधली दिखाई दे रही है | जीवन में कोई निर्णय लेने या किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले, यह ज़रूरी है कि अपनी दृष्टि को साफ़ कर लिया जाए | आज हम कुछ ऐसे बिन्दुओं पर बात करेंगे जिससे हमारे विचार और दृष्टि अधिक स्पष्ट हो जाएँ, और हम अधिक सरलता से उचित निर्णय ले पायें |
1. पूर्वाग्रह से बचें
कई बार हम किसी व्यक्ति के बारे में एक निश्चित सोच विकसित कर लेते हैं | जैसे कि अमुक व्यक्ति झगड़ालू है, अमुक व्यक्ति कंजूस है | एक व्यक्ति सज्जन है, या वह व्यक्ति दुर्जन है इत्यादि | कई बार लोगों से सुन कर हम किसी व्यक्ति विशेष के बारे में अपने मन में एक विशेष छवि बना लेते हैं | यदि हमारे मन में किसी व्यक्ति की अच्छी छवि बनी हुई है, तो उस व्यक्ति द्वारा गलत काम करने पर भी हमें उसमें कोई कमी दिखाई नहीं देती | बल्कि हम उसके गलत कार्य को भी सही सिद्द करने का प्रयास करते हैं | ठीक उसी प्रकार, यदि किसी व्यक्ति की नकारात्मक छवि हमारे मन में बैठ गई है तो फ़िर वह कितना भी अच्छा कार्य क्यों न करे, वह कार्य हमें गलत ही दिखाई देता है | हम उसके हर काम में कमी निकालते हैं | इसलिए, किसी व्यक्ति, समुदाय, धर्म या स्थान के बारे में अपने मन में कोई स्थाई छवि बनाने से बचना चाहिये |
हमें हमारे आसपास घट रही घटनाओं को लेकर सजग रहना चाहिये | ज़िन्दगी पग-पग पर नित्य हमें नए पाठ पढ़ाती है | परन्तु ज़िन्दगी से सीख वही पाता है, जो सजग है | सजग व्यक्ति ही सीख पाता है, और जो सीखता है उसी की बुद्धि का विकास होता है | जिस व्यक्ति की बुद्धि और विवेक जागृत होता है, उसकी दूरदर्शिता बढ़ती है और सही निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है | इसलिए, हमें हमेशा सजग रहकर अपने आसपास हो रही घटनाओं का अवलोकन करना चाहिए और उनसे सीखना चाहिए |
3. तथ्यों पर आधारित निर्णय लें
किसी भी व्यक्ति या परिस्थिति के बारे में किसी निर्णय पर पहुँचने ने पहले, उससे जुड़े हुए सभी तथ्यों की जाँच अवश्य कर लेनी चाहिए | तथ्यों पर आधारित निर्णय आमतौर पर सही साबित होते हैं, जबकि भावनाओं में बहकर हम अक्सर गलत निर्णय ले लेते हैं | कई बार हम भानात्मक होकर कोई निर्णय ले लेते हैं, या किसी की सहायता कर देते हैं, और बाद में हमें अपनी गलती का एहसास होता है | शायद इसीलिए, न्यायालय में हमेशा सबूतों और तथ्यों की बात होती है, और उसी के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं |
4. गलतियों से सीखें
गलती करना मनुष्य का स्वाभाव है | किसी कार्य या किसी निर्णय में कोई गलती हो जाए तो इसमें कुछ बुरा नहीं हैं | परन्तु महत्वपूर्ण बात यह है कि उस गलती को भविष्य में दोहराया न जाए | हमें भी अपनी गलतियों से सीखना चाहिए और उन्हें याद रखना चाहिए, ताकि भविष्य में हम दोबारा वही गलती न करें | उदाहरण के लिए कोई आदमी झूठ बोलकर आपको एक बार धोखा दे सकता है, पर यदि वह दोबारा आपको धोखा देता है तो निश्चित रूप से गलती आपकी है |
मुझे विश्वास है कि यदि हम उपरोक्त बिन्दुओं को ध्यान में रखेंगे, तो हम अधिक अच्छे निर्णय ले पाएँगे | अगर आपको भी दुनियाँ की तस्वीर धुँधली दिखाई दे रही है तो एक बार यह ज़रूर देख लें कि कहीं धूल आँखों में तो नहीं है |
सादर
अध्यक्ष, व्यापक फाउंडेशन
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WhatsApp : 8178983844
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बहुत ही अच्छा लेख लिखा है ,प्रवीण जी
ReplyDeleteधन्यवाद
DeleteGood Article
ReplyDeleteThank you, Satinder Ji.
DeleteVary good, thanks parveen ji and pls. Shares again yours experience. Thanks .
ReplyDeleteThank you! Please like our facebook page www.facebook.com/vyaapak to stay connected.
Deleteबहुत प्रेरणादायक लेख है आपशे बहुत कम शब्दों में जीवन दर्शन समझा दिया है
ReplyDeleteआपका ह्रदय से आभार, धन्यवाद
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