सड़क और गड्ढे एक दूसरे के पूरक हैं | सड़क पर गड्ढे बिलकुल वैसे ही होते हैं, जैसे किसी मासूम बच्चे को बुरी नज़र से बचाने के लिए उसके चेहरे पर काला टीका लगा दिया गया हो | सरकार चाहे कितने भी बढ़िया हाईवे बनवा दे, पर गड्ढे वाली सड़कों पर चलने का अपना अलग ही मज़ा है | वैसे भी हमारे देश में नई सड़क बनने के बाद, जानते है कि सबसे पहला काम क्या होता है, जी हाँ बिलकुल सही, उसे खोदने वाले चले आते हैं | कौन कहता है कि विभागों में समन्वय की कमी है, एक विभाग सड़क बनाता चलता है और दूसरा पीछे-पीछे उसे खोदता चलता है | अपने यहाँ तो एक मज़ेदार कहावत भी प्रचलित है कि:
बहरहाल, हम सब इस बात से परिचित है कि सड़को पर छोटे-बड़े, कभी-कभी बहुत बड़े, और कभी पानी भरे गड्ढे मिलना एक आम बात है | और हम सभी ने कभी न कभी इन्हें कूदकर पार करने का अनुभव भी किया होगा | कल मेरे साथ भी यही घटना घटित हुई | मैं पैदल ही बाज़ार की ओर जा रहा था कि अचानक से रास्ते में पानी से भरा एक बड़ा गड्ढा आ गया | चूँकि गड्ढा बड़ा था और उसमें पानी भरा था, इसलिए मुझे दो कदम पीछे हटकर तेजी से छलाँग लगा कर उसे पार करना पड़ा | मन में थोड़ा क्रोध आना भी स्वाभाविक था कि किसने सड़क पर इतना बड़ा गड्ढा खोद दिया | प्रशासन और सरकार लापरवाह है आदि विचार भी मन में आने लगे | तभी मन में विचार आया कि चलो अच्छा हुआ कि छलाँग लगाने के बहाने थोड़ा व्यायाम हो गया | एक बात और दिमाग में आई कि ये गड्ढा तो दिख रहा था पर हमारे जीवन की राह तो न जाने कितने अदृश्य गड्ढों से भरी पड़ी है | कुछ लोग तो हमारी राह में कदम-कदम पर गड्ढे खोदने के लिए ही तैयार बैठे रहते हैं |
तभी अचानक इस घटना का एक सकारात्मक पहलु भी समझ में आया और गुस्सा कहीं गायब हो गया | जो लोग हमारी राह में गड्ढे खोदते हैं, वास्तव में वे हमें इस बात का अवसर देते हैं और प्रेरित करते हैं कि हम पूरी शक्ति के साथ साथ छलाँग लगा कर आगे बढ़ जायें | कभी कभार आपको थोड़ा रुकना, विचार करना, और दो कदम पीछे हटना भी पड़ सकता है | पर आखिरकार हम उस बाधा को पार कर ही लेते हैं | और इससे हमें अपनी वास्तविक शक्ति का आभास भी होता है |
तो आज के बाद जो लोग आपके रास्ते में गड्ढे खोदते हैं, आपको उनका धन्यवाद् देना चाहिये | क्योंकि ये आपको जीवन में ऊँची छलाँग लगाने का अवसर और साहस दे रहे हैं |
याद रखिये:
जो व्यक्ति आपकी पीठ पीछे बुराई करता है, वो आपसे दो कदम पीछे है |
जो व्यक्ति आपकी टांग खींचता है, उसका स्तर आपसे नीचे है |
और
जो व्यक्ति आपकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने की कोशिश करता है, निश्चित ही उसकी प्रतिष्ठा आपसे कम है |
तो अगली बार जब आपको रास्ते में कोई गड्ढा मिले, तो गड्ढा खोदने वाले को धन्यवाद् दीजिये, और उसे कूद कर जीवन की राह पर आगे बढ़ जाइये |
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बहुत सही व्यक्त किया सर आपने।
ReplyDeleteनिश्चित रूप से सर जो व्यक्ति अवरोधक बनते हैं वही सफलता की सीढ़ी का पहला पायदान बनते हैं।
Be positive.